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कलौंजी के फायदे और नुकसान (Benefits & Side Effect of Nigella Seeds in Hindi)

स्वस्थ जीवन जीने के लिए हमको पौष्टिक खानपान में ध्यान रखना पड़ता है, हमारे किचन में ही ऐसी काफी चीज़े होंगी जिसकी पौष्टिकता के बारे में हमको पता नहीं होता है लेकिन वो जरूरत पड़ने पर बड़ी काम की औषधि भी साबित होती है। 


ऐसी ही एक चीज़ जिसको हम भारतीय कलौंजी(Nigella seeds) के नाम से जानते है जो लग-भग हर भारतीय के किचन में पायी जाती है पर वह इसके लाभकारी गुणों से अवगत नहीं है। लेखविचार के इस लेख कलौंजी के फायदे और नुकसान में हम आपको कलौंजी के बारे में स्पष्ट रूप से बतायेंगे की यहाँ होती क्या है, इसका सेवन कैसे और कब करना चाहिए, इसको खाने के क्या फायदे और नुक्सान है। 


Benefits & Side Effect of Nigella seeds in Hindi



कलौंजी क्या है-What is Nigella Seeds in Hindi

कलौंजी को "निगेला सीड्स"  के नाम से जाना जाता है और दुनिया भर में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है, अंग्रेजी में इसे ब्लैक क्युमिन कहा जाता है जबकी कोलोंजी का वानस्पतिक नाम निगेला सैटाइवा है और इसका पौधा मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिम एशिया में पाया जाता है कई जगहों पर इसको काला बीज भी कहा जाता है तो बिहार के इलाकों में इसे मंगरेला भी कहा जाता है भारत के अलावा बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी इसका सेवन किया जाता है।



कलौंजी के फायदे-Benefits of Nigella Seeds in Hindi

कलौंजी का सेवन स्वाद बढ़ाने में ही नहीं बल्कि स्वस्थ रहने में भी काफी मददगार साबित होता है, इसके इस्तेमाल से आप कुछ हद तक अपनी बीमारी में सुधार कर सकते है, चलिए आपको बताते है कलौंजी के फायदे। 


  • कलौंजी एंटीऑक्सिडेंट से भरा होता है जो मुक्त कणों को बेअसर करता है जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। यह विशेष रूप से स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, फेफड़ों के कैंसर और अग्नाशय के कैंसर के खिलाफ काम करता है।
  • कलौंजी आपके संपूर्ण मौखिक स्वास्थ्य जैसे मसूड़ों से खून बहना और कमजोर दांतों को फायदा पहुंचाता है मौखिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए, बस आधा चम्मच कलौंजी के तेल को एक कप दही के साथ मिलाएं और इसे अपने मसूड़ों और दांतों पर दिन में दो बार लगाएं।
  • कलौंजी के बीज में सूजन-रोधी गुण होते हैं जो विभिन्न सूजन का इलाज कर सकते हैं। यह जोड़ों के बीच चिकनाई प्रदान करके जोड़ों के दर्द को ठीक करने के लिए जाना जाता है। आयुर्वेद में सूजन को कम करने के लिए कलौंजी के तेल की सलाह दी जाती है। 
  • मधुमेह में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के लिए कलौंजी बहुत मददगार है। एक अच्छे परिणाम के लिए मधुमेह रोगी खाली पेट काली चाय के साथ कलोंजी का सेवन कर सकता है। 
  • कलौंजी स्वस्थ त्वचा और बालों को बनाए रखने में मदद करता है। ग्लोइंग स्किन के लिए आप इसके तेल का इस्तेमाल नींबू के रस के साथ कर सकते हैं। कलौंजी आपके बालों को मजबूत बनाने और बालों के झड़ने को रोकने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर है।
  • कलौंजी उन लोगों के लिए एक शक्तिशाली दवा है जो अस्थमा से पीड़ित हैं। बस कलौंजी के तेल और शहद को गर्म पानी में मिलाएं और इसे रोजाना पियें।
  • कलौंजी दिल के लिए बहुत प्रभावी है। यह आपके शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करके आपके दिल को स्वस्थ रखता है। अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको नियमित रूप से दूध के साथ कलौंजी का सेवन करना चाहिए।
  • आयुर्वेद पुदीने की पत्तियों के साथ कलौंजी के बीजों का सेवन करने की सलाह देता है जो स्मृति को बढ़ावा दे सकते हैं और अल्जाइमर रोग जैसे तंत्रिका संबंधी विकारों को रोक सकते हैं।
  • अध्ययनों के अनुसार, जब कलौंजी के बीजों को गर्म पानी के साथ सेवन किया जाएगा तो आपका वजन कम होगा।
  • जो लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं, वे गुनगुने पानी के साथ कलौंजी के तेल का एक चम्मच पी सकते हैं यहाँ आपके रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए बहुत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। 



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कलौंजी में पाए जाने वाले पोषक तत्व-kalonji Nutritional Value in Hindi


kalonji Nutritional Value in Hindi



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कलौंजी के नुकसान-Side Effect of Nigella Seeds in Hindi


यह सच बात है की कलौंजी के अनेक फायदे होते है लेकिन कुछ इसके नुकसान भी है उन्हें भी जान लेना आप लोगो के लिए जरूरी हो सकता है 


  • अगर कोई रोगी पित्त से परेशान है या फिर वह बहुत गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पा रहे है, तब भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • पेट में बहुत जलन होती हो तो इसका सेवन करने से बचे।
  • कलौंजी में थाइमोक्विनोन पाए जाते हैं और इसकी मात्रा बढ़ जाने से कई बार ब्लड क्लॉट हो जाता है। ऐसे में कलौंजी का सेवन नहीं किया जाना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को इसके सेवन से बचना चाहिए, वैसे तो इसके कोई प्रमाण नहीं है की इससे गर्भवती महिलाओ को नुक्सान होता है पर उन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के इसका उपयोग करने से बचना चाहिए। 
  • जिन महिलाओं को पीरियड देर से आने की परेशानी है, उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए और उन महिलाओं को भी नहीं, जिन्हें अधिक पीरियड होते हैं।


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